National Herald Case: सोनिया और राहुल गांधी को लेकर ईडी के आरोप-पत्र पर टला आदेश

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By Akanksha Singh Baghel


national herald case,दिल्ली की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने का आदेश टाल दिया है। यह मामला कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ कथित रूप से ₹2,000 करोड़ की संपत्ति की धोखाधड़ी से जुड़ा है। अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 7 और 8 अगस्त को करेगी।

क्या है National Herald Case?


यह मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ा है, जो राष्ट्रीय हेराल्ड अखबार का प्रकाशन करता है। ईडी का आरोप है कि ‘यंग इंडियन’ नामक कंपनी, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी की 76% हिस्सेदारी थी, ने AJL की संपत्तियों को ₹90 करोड़ के ऋण के बदले में अवैध रूप से हासिल किया। इसे एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश की श्रेणी में रखा है।

अदालत की कार्यवाही


15 जुलाई को विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने दलीलें पूरी होने के बाद आदेश आरक्षित किया था और आज यानी 29 जुलाई को सुनाए जाने की संभावना थी। हालांकि, अदालत ने अब स्पष्टिकरण की आवश्यकता बताते हुए इस आदेश को स्थगित कर दिया है। मामला अब दो दिन — 7 और 8 अगस्त को सुना जाएगा।

ईडी के आरोपों में कौन-कौन शामिल?


ईडी के आरोपपत्र में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी और दो कंपनियां — ‘यंग इंडियन’ और ‘डोटेक्स मर्चेंडाइज़ प्राइवेट लिमिटेड’ — को नामजद किया गया है। आरोप है कि इन सबने मिलकर कांग्रेस के दिवंगत नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के सहयोग से संपत्ति अधिग्रहण की साजिश रची।

कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया


कांग्रेस पार्टी ने मामले को पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। पार्टी का कहना है कि यह “राज्य प्रायोजित अपराध” है जो “कानून के नाम पर सत्ता का दुरुपयोग” करता है। 16 अप्रैल को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देशभर में ईडी कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन कर आरोपों को “मनगढंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित” करार दिया।

आगे की राह


अब अदालत द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरणों के आधार पर तय होगा कि क्या आरोपपत्र पर संज्ञान लिया जाएगा या नहीं। यह फैसला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और देश की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

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