RAHUL GANDHI : कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है. चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से उन दस्तावेजों को मांगा है जिनके हवाले से राहुल गांधी ने एक महिला को दो दो बार मतदान करने का दावा किया है. चुनाव आयोग का कहना है कि अगर चुनाव आयोग को वह दस्तावेज मिलेगा तभी आयोग विस्तृत तरीके से जांच कर सकेगा.
क्यों जारी हुई RAHUL GANDHI के खिलाफ नोटिस
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस कॉन्फ्रेंस में उन्होने कुछ दस्तावेज पेश किये थे. इन दस्तावेजों में दावा किया गया था कि देशभर में बड़े स्तर पर धांधली हो रही है. उन्होने आरोप लगाया कि नये वोटर लिस्ट बड़ी गड़बड़ी देखने को मिली है. शकुन रानी नाम की महिला 2 महीने में 2 बार रजिस्टर हुई है. ऐसे में चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को नोटिस भेजकर उन दस्तावेजों की मांग की है. जिससे उन दस्तावेजों की सही तरीके से जांच हो सके.
चुनाव आयोग ने क्या कहा नोटिस में
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के खिलाफ नोटिस जारी करते हुये कहा कि राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे दस्तावेज दिखाये थे जिनमें कथित तौर पर धांधली की बातें सामने आई थी. नोटिस में चुनाव आयोग ने कहा कि राहुल गांधी ने एक महिला शकुन रानी पर दो बार मतदान करने का आरोप लगाया था. पूछताछ करने पर शकुन रानी ने बताया कि उसने सिर्फ एक बार मतदान किया है.
RAHUL GANDHI उपलब्ध करायें सभी जरूरी दस्तावेज
मुख्य चुनाव अधिकारी ने नोटिस में कहा कि कार्यालय की जांच में यह पता चला है कि राहुल गांधी ने जिन दस्तावेजों को पेश किया है उन दस्तावेजों को चुनाव अधिकारी ने जारी नहीं किया है. चुनाव आयोग ने नोटिस में आगे कहा कि कि जिनके आधार पर यह बात साबित हो सके कि शकुन रानी या किसी अन्य ने 2 बार मतदान किया हो.
क्या है पूरा मामला
दरअसल राहुल गांधी ने 7 अगस्त को प्रेस कॉन्फेंस करके चुनाव आयोग पर बड़ी धांधली का आरोप लगाया था. उन्होने कहा था कि नई वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी देखने को मिली है. जैसे शकुन रानी नाम की महिला का नाम 2 महीनें में 2 बार रजिस्टर किया गया है. यह काम इतनी चालाकी से किया गया है कि किसी में नाम एक साथ लिखा गया है किसी में अलग अलग लिखा गया है. फोटो को भी अलग अलग तरीके से इस्तेमाल किया गया है. एक में पासपोर्ट साइज की फोटो थी, तो दूसरे में इसी फोटो को जूम करके लगाया गया है. अब इसी दावे पर चुनाव आयोग ने सबूत और दस्तावेजों की मांग की है.