संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र और नेतृत्व
PM Modi’s visit to America, 80वां UNGA (United Nations General Assembly) सत्र 9 सितंबर 2025 से शुरू होकर 8 सितंबर 2026 तक चलेगा और इसका उच्च-स्तरीय जनरल डिबेट 23–29 सितंबर को होगा। सत्र का प्रारंभ और वर्षभर की कार्यवाही इसी अवधि में संपन्न होगी। इस सत्र का अध्यक्ष (President of the General Assembly) जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री आनालिना बेरबॉक चुनी गई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का भाषण और संभावित अमेरिका यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस उच्च-स्तरीय जनरल डिबेट में शामिल हो सकते हैं। उन्हें “Head of Government (HG)” के रूप में 26 सितंबर 2025 की सुबह भाषण देने के लिए प्रारंभिक (provisional) स्पीकर सूची में शामिल किया गया है।
इसी दिन अन्य प्रमुख नेता—इज़राइल, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश—भी भाषण देने वाले हैं।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा अब वास्तविक संभावनाओं में शामिल हो गई है, जहाँ वे UNGA में भाषण देने के अलावा डोनाल्ड ट्रंप से द्विपक्षीय चर्चा भी कर सकते हैं।
व्यापार तनाव और टैरिफ विवाद
PM Modi’s visit to America,वर्ष 2025 की शुरुआत में, मोदी फरवरी में व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात कर Bilateral Trade Agreement (BTA) पर सहमति की संभावना व्यक्त की—जिसे “Mission 500” नाम दिया गया, जिसका लक्ष्य 2030 तक 500 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है।
लेकिन इसके बीच, अमेरिका ने भारत पर 50% तक के टैरिफ लगाए—जिसमें रूसी तेल आयात पर अतिरिक्त 25% टैरिफ शामिल था, जो 27 अगस्त से लागू हुआ।
भारत ने इस कदम को “अनुचित और अविवेकी” बताते हुए कड़ा विरोध किया और कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा करेगा।
इस बीच, अमेरिकी दल 25 अगस्त से भारत में चौथे दौर की BTA बातचीत के लिए आने वाला है, और दोनों देश इसी शरद (अक्टूबर–नवंबर) तक समझौते का पहला चरण पूरा करना चाहते हैं।
पाकिस्तान की परमाणु धमकी और ट्रम्प का बयान
उस समान अवधि में, पाक सैन्य प्रमुख जनरल असीम मुनीर अमेरिका गए और उन्होंने भारत पर परमाणु हमला की धमकी दी, जिसे कई रिपोर्ट्स में “गीदड़-भभकी” के रूप में बताया गया है। (आपके मूल संदेश में उल्लिखित विवरण के अनुसार।)
इसका राजनीतिक और सुरक्षा विवरण अभी मीडिया में व्यापक नहीं है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी तनाव को और बढ़ा सकती है।
दौरे का राजनयिक महत्व
संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह सत्र वैश्विक राजनीति में संवेदनशील समय पर हो रहा है, जिसमें इज़राइल–हमास संघर्ष और यूक्रेन–रूस युद्ध जैसे मुद्दे शामिल हैं।
पीएम मोदी का इस सत्र में शामिल होना और ट्रंप से संभावित द्विपक्षीय वार्ता, भारत–अमेरिका रिश्ते में सुधार और व्यापार विवादों को सुलझाने में महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।
हालांकि, भारत सरकार ने अभी तक इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह यात्रा अभी भी प्रारंभिक अवस्थाओं में है और स्पीकर सूची में शामिल करना ही यात्रा की पुख़्ता योजना की गारंटी नहीं है।