बिहार की राजनीति इस समय तेज़ी से करवट ले रही है। विपक्षी दल राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की “Voter Adhikar Yatra” को लेकर लगातार हमलावर हैं, तो सत्ता पक्ष भी अब पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुका है। इस बीच सबसे दिलचस्प बात यह रही कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी पहली बार मुखर होकर बयान दिया है। लंबे समय तक चुप्पी साधे रहने वाले निशांत अब खुलकर राजनीति पर अपनी राय रख रहे हैं और साफ संदेश दे रहे हैं कि 2025 के चुनावी समीकरण में नीतीश ही NDA का चेहरा होंगे।
Voter Adhikar Yatra पर निशांत का हमला
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जिस Voter Adhikar Yatra के ज़रिए एसआईआर (Special Interim Representation) का विरोध कर रहे हैं, उस पर निशांत ने कहा कि यह पूरी तरह चुनाव आयोग का विषय है। उन्होंने इसे विपक्ष की “जनता को गुमराह करने की कोशिश” बताया। निशांत ने साफ कर दिया कि चाहे कांग्रेस हो या राजद, वे इस मुद्दे को उठाकर बिहार की जनता को भ्रमित नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी गया यात्रा से बिहार को बड़ी सौगात मिलने वाली है और इससे विपक्ष की राजनीति और कमजोर पड़ेगी।
नीतीश सरकार का कामकाज और रोजगार का वादा
निशांत कुमार ने अपने बयान में नीतीश सरकार के पिछले 20 साल के कामकाज का बचाव करते हुए कहा कि जहां पहले सिर्फ़ 20 लाख नौकरियों का वादा था, वहीं अब तक 50 लाख से ज़्यादा रोजगार दिए गए हैं। इसके अलावा सरकार अब 1 करोड़ नई नौकरियां देने के वादे पर गंभीरता से काम कर रही है।
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की नौकरी में भागीदारी बढ़ाने और TRE-4 बहाली जैसे कदमों का ज़िक्र किया, जिससे स्थानीय युवाओं को अधिक अवसर मिलेंगे। निशांत का यह बयान न सिर्फ़ विपक्ष पर सीधा हमला है, बल्कि यह संकेत भी है कि वे धीरे-धीरे राजनीति की मुख्यधारा में सक्रिय भूमिका निभाने लगे हैं।
नीतीश कुमार की तबीयत पर विपक्ष के सवाल
विपक्ष की ओर से नीतीश कुमार की तबीयत को लेकर उठाए जा रहे सवालों को निशांत ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री बिल्कुल स्वस्थ हैं और 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद भी वही मुख्यमंत्री बनेंगे।”
यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि विपक्ष लगातार यह मुद्दा उठाता रहा है कि नीतीश अब चुनावी दौड़ में लंबे समय तक सक्रिय नहीं रह पाएंगे। निशांत ने इस पर सीधा जवाब देकर साफ कर दिया कि नीतीश की राजनीतिक और शारीरिक स्थिति दोनों ठीक हैं।
क्या संकेत दे रहे हैं निशांत कुमार?
निशांत कुमार का हालिया बयान इस बात का संकेत है कि वे अब बिहार की राजनीति में “साइलेंट ऑब्ज़र्वर” नहीं, बल्कि सक्रिय खिलाड़ी के तौर पर सामने आ रहे हैं। उनकी प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि वे न सिर्फ़ पार्टी लाइन दोहरा रहे हैं, बल्कि अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की तैयारी में भी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में निशांत का रोल और अहम होगा। विपक्ष जिस Voter Adhikar Yatra को लेकर जनता के बीच हवा बनाने की कोशिश कर रहा है, उसी मुद्दे पर निशांत का यह बयान NDA के लिए “काउंटर नैरेटिव” साबित हो सकता है।
बिहार की सियासत में निशांत कुमार की भूमिका और भविष्य
निशांत कुमार के हालिया बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। लंबे समय तक राजनीति से दूरी बनाकर रखने वाले निशांत अब सीधे-सीधे विपक्ष पर हमलावर हो रहे हैं। यह साफ संकेत है कि वे सिर्फ़ “नीतीश कुमार के बेटे” भर नहीं रहना चाहते, बल्कि अपनी राजनीतिक पहचान बनाने के लिए भी तैयार हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में निशांत युवा चेहरा बनकर NDA में नई ऊर्जा ला सकते हैं। चूंकि विपक्ष राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं के सहारे युवा वोटरों को साधने की कोशिश कर रहा है, ऐसे में निशांत की सक्रियता भाजपा-जदयू गठबंधन के लिए एक संतुलित जवाब हो सकती है।
अगर वे इसी तरह मुखर बने रहे तो 2025 के विधानसभा चुनाव में न केवल नीतीश कुमार का अनुभव, बल्कि निशांत की नई छवि भी NDA के लिए डबल एडवांटेज साबित हो सकती है।