Jaisalmer Bus Tragedy, राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार को दर्दनाक हादसा हुआ। यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस में अचानक आग लग गई। इस हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसा कैसे हुआ
बस जैसलमेर से जोधपुर के लिए रवाना हुई थी। शाम करीब तीन बजे थैयत गांव के पास अचानक बस के पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। ड्राइवर ने बस रोकने की कोशिश की, लेकिन आग बहुत तेज़ी से फैल गई।
कुछ यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। फिर भी, कई लोग अंदर ही फंस गए और बच नहीं पाए।
आग लगने की संभावित वजह
शुरुआती जांच में अनुमान है कि बस के एसी सिस्टम या वायरिंग में शॉर्ट सर्किट से आग लगी।
इस बीच, जांच टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि असली कारण का पता लगाया जा सके।
राहत और बचाव कार्य
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल कर्मियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
शवों की पहचान मुश्किल होने के कारण डीएनए टेस्ट से पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई है।
वहीं दूसरी ओर, घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया
Jaisalmer Bus Tragedy,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि मृतकों और घायलों के परिजनों को ताज़ा जानकारी मिल सके।
लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों से बचें और केवल सरकारी स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।