क्या है सरकार का नया निर्णय ?
केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए Petrol and Diesel पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये कर दिया गया है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह शून्य कर दिया गया है। इस निर्णय का सीधा असर देशभर में ईंधन की कीमतों पर पड़ेगा और लोगों को महंगाई से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
क्यों जरूरी था यह Petrol and Diesel पर ये फैसला?
पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर बढ़ती महंगाई के कारण petrol and diesel के दाम लगातार बढ़ रहे थे। इसका असर आम आदमी की जेब के साथ-साथ परिवहन, खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ रहा था। ऐसे में सरकार का यह कदम महंगाई को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Petrol and Diesel पर किए गए नए फैसलों से आम जनता को कैसे मिलेगा फायदा?
एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद तेल कंपनियां खुदरा कीमतों में कमी करेंगी, जिससे पेट्रोल और डीजल सस्ते होंगे। इसका सबसे ज्यादा फायदा मध्यम वर्ग और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिलेगा। ट्रक, बस और अन्य मालवाहक वाहनों की लागत कम होने से सामानों की ढुलाई सस्ती हो सकती है, जिसका सकारात्मक असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा।
सरकार पर क्या पड़ेगा असर?
हालांकि, इस फैसले का असर सरकार के राजस्व पर भी पड़ेगा, क्योंकि एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार की आय का एक बड़ा स्रोत होती है। फिर भी, सरकार ने आर्थिक संतुलन बनाए रखने और जनता को राहत देने के लिए यह कदम उठाया है।
राज्यों पर क्या होगा असर?
केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद अब राज्यों पर भी दबाव बढ़ सकता है कि वे वैट (VAT) में कमी करें। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केंद्र और राज्य दोनों के टैक्स शामिल होते हैं। ऐसे में अगर राज्य सरकारें भी टैक्स घटाती हैं, तो आम जनता को और अधिक राहत मिल सकती है। हालांकि, कई राज्यों के लिए यह फैसला आसान नहीं होगा क्योंकि वैट उनकी आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है।