वॉर्म-अप ज़रूर करें, बिना इसके एक्सरसाइज शुरू न करे।
Workout की शुरुआत सीधे भारी एक्सरसाइज से करने पर मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है।
वॉर्म-अप के फायदे:
- शरीर की ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होती है
- मांसपेशियां लचीलापन पाती हैं
- चोट लगने का खतरा कम होता है
कैसे करें वॉर्म-अप:
5-10 मिनट की हल्की जॉगिंग, स्ट्रेचिंग, स्किपिंग या हाई नीज।
हाइड्रेटेड रहें, शरीर को सूखने न दें
पसीना बहने से शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं।
कम पानी पीने के नुकसान:
- चक्कर आना, सिरदर्द
- थकावट और कमजोरी
- मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
क्या करें:
Workout से पहले 1 गिलास पानी पिएं। हर 15–20 मिनट पर कुछ घूंट पिएं। नारियल पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक भी ले सकते हैं
सही फॉर्म और पोस्चर में एक्सरसाइज करें
गलत पोस्चर सबसे बड़ी वजह होती है मांसपेशियों की चोट की।
गलत फॉर्म से क्या हो सकता है:
- बैक पेन
- नी इंजरी
- मसल टियर
क्या करें:
किसी ट्रेनर से सही फॉर्म सीखें। शीशे के सामने खड़े होकर खुद का पोस्चर चेक करें। अपने शरीर के मूवमेंट को समझें
ओवर ट्रेनिंग न करें – ‘No Pain No Gain’ हर बार सही नहीं होता
बहुत ज्यादा Workout करने से शरीर थक जाता है और रिकवरी का समय नहीं मिल पाता।
ओवर ट्रेनिंग के नुकसान:
- हार्मोनल असंतुलन (कोर्टिसोल लेवल बढ़ना)
- थकान, नींद न आना, चिड़चिड़ापन
- इम्यूनिटी कमजोर होना
क्या करें:
सप्ताह में कम से कम 1–2 दिन रेस्ट डे जरूर लें। शरीर की सुनें — ज़बरदस्ती न करें। रिकवरी के लिए मसाज, स्ट्रेचिंग और भरपूर नींद लें
सांसों पर ध्यान दें – ब्रीदिंग से बनता है रिदम
अधिकतर लोग एक्सरसाइज करते वक्त सांस रोक लेते हैं जो बहुत हानिकारक है।
सही ब्रीदिंग का असर:
- एनर्जी बनी रहती है
- हृदय गति संतुलित रहती है
- मसल्स को ऑक्सीजन मिलती है
कैसे करें ब्रीदिंग:
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में – वजन उठाते वक्त सांस छोड़ें, नीचे जाते वक्त सांस लें। कार्डियो में – नाक से सांस लें, मुंह से छोड़े
केवर्कआउट के बाद कूल-डाउन जरूर करें
कूल-डाउन शरीर को नॉर्मल स्थिति में लाने में मदद करता है।
अगर कूल-डाउन न करें तो:
- मांसपेशियों में जकड़न
- चक्कर, हार्टबीट का बढ़ना
क्या करें:
हल्की वॉक करें। 5-7 मिनट स्ट्रेचिंग करें। डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें
नींद पूरी करें – आपकी बॉडी रात में ही रिपेयर होती है
वर्कआउट के बाद अगर नींद पूरी नहीं लेंगे तो न मसल बनेगा और न फैट घटेगा।
कम नींद के नुकसान:
- थकान, मूड स्विंग्स
- भूख बढ़ना (ghrelin हार्मोन बढ़ता है)
- वेट लॉस रुक जाता है
क्या करें:
रोज 7-8 घंटे की नींद जरूर लें। सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें। दिनभर कैफीन का सेवन सीमित करें