Delhi Blast Case :’लवस्टोरी’ में नया खुलासा, डॉ शाहीन के घर मिले 18 लाख रुपये।

Photo of author

By Akanksha Singh Baghel

Delhi Blast Case की जांच कर रही NIA को बड़ा सुराग मिला है। एजेंसी ने फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छापेमारी के दौरान आरोपी डॉ. शाहीन शाहिद के कमरे से 18 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। यह रकम एक सामान्य पॉलीथिन बैग में अलमारी के अंदर छुपा कर रखी गई थी। बरामदगी के बाद इस केस में नया मोड़ आ गया है, खासकर तब जब जांच एजेंसी पहले से ही “टेरर डॉक्टरों” के नेटवर्क और उनकी कथित लव-स्टोरी एंगल पर काम कर रही है।


क्या है पूरा मामला?

दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद NIA ने जांच तेज की थी। इसी दौरान एजेंसी की नज़र अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन डॉक्टरों पर गई, जिनपर आतंकवादियों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है।
इन्हीं में से एक डॉ. शाहीन हैं, जिन्हें पूछताछ के लिए यूनिवर्सिटी कैंपस लाकर उनके कमरे की पुनः तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान:

  • अलमारी में 18 लाख रुपये नकद
  • कुछ दस्तावेज
  • डिजिटल रिकॉर्ड
  • संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े इनपुट मिले

NIA का मानना है कि यह रकम ब्लास्ट में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक, लॉजिस्टिक्स और मॉड्यूल एक्टिविटी का हिस्सा हो सकती है।


लव स्टोरी’ या आतंकी साजिश? नया एंगल चर्चा में

जांच में खुलासा हुआ है कि शाहीन की आतंकी आरोपी मुजम्मिल Shakeel से नज़दीकियां थीं।
दोनों के बीच:

  • लगातार मोबाइल संपर्क
  • मुलाकातों का रिकॉर्ड
  • संदिग्ध चैट्स मिली हैं।

यह भी पता चला कि दोनों ने 2023 में निकाह किया था, लेकिन एजेंसी इसे “व्यक्तिगत रिश्ते से ज्यादा एक आतंकी गठजोड़” मान रही है।


आतंकी मॉड्यूल का नया खुलासा

NIA ने पहले भी यूनिवर्सिटी में रूम-13 से विस्फोटक अवशेष पाए थे। कई डॉक्टरों पर आरोप है कि वे अपनी सैलरी का हिस्सा आतंकी गतिविधियों में फंडिंग के लिए देते थे।
जांच में यह भी सामने आया:

  • मेडिकल छात्रों को भड़काने की कोशिश
  • गुप्त मीटिंग
  • लैब का दुरुपयोग
  • केमिकल ट्रेस और ब्लूप्रिंट
  • डिजिटल सामग्री

इन सभी ने जांच को और गहरा कर दिया है।


NIA अब किन बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है?
  • 18 लाख रुपये कहां से आए?
  • क्या यह आतंकी फंडिंग का हिस्सा था?
  • शाहीन और अन्य डॉक्टर किन-किन लोगों से जुड़े थे?
  • यूनिवर्सिटी को मॉड्यूल बेस के रूप में कैसे इस्तेमाल किया गया?

NIA आने वाले दिनों में यूनिवर्सिटी के और स्टाफ व छात्रों से पूछताछ कर सकती है।


क्यों यह मामला बेहद गंभीर?

Delhi Blast Case ,यह पहली बार है जब किसी मेडिकल यूनिवर्सिटी को आतंकवादी गतिविधियों के लिए एक कथित केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
डॉक्टरों का आतंकवाद से जुड़ना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा खतरे का संकेत है।
यह मामला केवल एक ब्लास्ट से जुड़ा नहीं, बल्कि व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क की जड़ें खोलने जैसा है।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.