Goa Assembly Speaker Resign,गोवा विधानसभा अध्यक्ष रमेश तावड़कर ने गुरुवार, 21 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली राज्य कैबिनेट में शामिल होने से पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विधानसभा परिसर में राज्य विधानमंडल सचिव नम्रता उलमान को अपना इस्तीफ़ा सौंपा, क्योंकि उपसभापति जोशुआ डिसूजा निजी यात्रा पर राज्य से बाहर थे। मुख्यमंत्री सावंत ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि तावड़कर और पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत को मंत्री बनाया जाएगा। दोपहर 12 बजे राजभवन में दोनों नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
मुख्य तथ्य
रमेश तावड़कर ने 21 अगस्त 2025 को गोवा विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफा देने के बाद तावड़कर प्रमोद सावंत की कैबिनेट में शामिल किए गए; उनके साथ दिगंबर कामत भी मंत्री बनाए गए।
इस्तीफे की वजह बताते हुए तावड़कर ने कहा, “मैं अध्यक्ष के रूप में अपने पांच साल पूरा करना चाहता था, लेकिन पार्टी चाहती थी कि मैं पद छोड़कर संगठन के लिए काम करूं। मुझे मंत्री पद लेने के लिए कहा गया था।”
इस कैबिनेट फेरबदल से पहले गोवा मंत्रिमंडल में दो पद खाली थे: जून 2025 में आदिवासी कल्याण मंत्री गोविंद गौड़े को भ्रष्टाचार के आरोपों पर हटाया गया था, और पर्यावरण मंत्री एलेइक्सो सेक्वेरा ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था।
इस्तीफे और कैबिनेट में शपथ
रमेश तावड़कर 57 वर्षीय कैनाकोना विधायक हैं, जो सुबह विधानसभा परिसर में अपना इस्तीफ़ा सौंपने पहुंचे। उन्होंने इस्तीफ़ा सौंपते हुए कहा कि पार्टी के निर्देशानुसार उन्हें संगठन कार्य के लिए मंत्री पद स्वीकार करना है। मुख्यमंत्री सावंत ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि तावड़कर और दिगंबर कामत को मंत्रिपद दिया जाएगा। दोपहर 12 बजे राजभवन में दोनों नेताओं को मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई।
गोवा मंत्रिमंडल में पहले से ही दो पद रिक्त थे, इसलिए इन्हें भरने के लिए यह कदम उठाया गया। जून 2025 में आदिवासी कल्याण मंत्री गोविंद गौड़े को भ्रष्टाचार के आरोपों पर मंत्रिमंडल से हटाया गया था। इसके बाद पर्यावरण मंत्री एलेइक्सो सेक्वेरा ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। इन इस्तीफों के बाद मुख्यमंत्री सावंत ने मंत्रिपद के लिए दिगंबर कामत और रमेश तावड़कर का नाम चुना।
तावड़कर का राजनीतिक सफर
Goa Assembly Speaker Resign,रमेश तावड़कर 2007 से लगातार गोवा विधानसभा के सदस्य रहे हैं। भाजपा सरकारों में उन्होंने खेल, आदिवासी कल्याण और कृषि जैसे विभागों में मंत्री का कार्यभार संभाला। मार्च 2022 में भाजपा की गोवा में जीत के तुरंत बाद उन्हें विधानसभा अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने निष्पक्षता और गरिमा बनाए रखने की प्रतिबद्धता दिखाई है।
इस्तीफे पर तावड़कर की प्रतिक्रिया
Goa Assembly Speaker Resign,इस्तीफे की घोषणा के दौरान तावड़कर ने भावुक लहजे में कहा कि उन्होंने अध्यक्ष के रूप में अपना पूरा कार्यकाल पूरा करना चाहा था, लेकिन पार्टी की रणनीति के तहत उन्हें मंत्री पद स्वीकार करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि अध्यक्ष के रूप में मैंने आसन का सम्मान और निष्पक्षता बनाए रखी। मैंने दिखाया है कि अध्यक्ष समाज के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि अध्यक्ष रहते हुए भी उन्होंने जनता के लिए अपना समय समर्पित किया।
भाजपा ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट में यह फेरबदल किया है। इस कैबिनेट फेरबदल में दिगंबर कामत भी शामिल हुए हैं, जो 2022 में भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के आठ बागी विधायकों में से एक हैं। इसे सावंत सरकार की आगामी चुनावी तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है।