GST New Slabs 2025: अब सिर्फ 5% और 18% टैक्स, रोजमर्रा का सामान सस्ता और लग्जरी आइटम महंगे

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By Akanksha Singh Baghel

रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं पर राहत

GST New Slabs 2025,कई रोजमर्रा के सामान पर जीएसटी दर 5% या शून्य हो गई है, जिससे ये सामान सस्ते हो जाएंगे. उदाहरण के लिए साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, घरेलू बर्तनों, डिटर्जेंट आदि पर जीएसटी 5% रहेगी. दूध से जुड़े सामान और भारतीय रोटी (ब्रेड), छेना/पनीर जैसे सामानों पर अब जीएसटी बिल्कुल नहीं लगेगा (कर मुक्त). उसी तरह मैदा, नमकीन-स्नैक्स, पैकेज्ड फ़ूड (नूडल्स, सॉसेज, मांस/मछली उत्पाद आदि) पर कर 12–18% से घटाकर 5% हो गया है. सीमेंट, ईंट-पत्थर जैसे निर्माण सामग्री पर भी 28% से कटौती कर 18% की दर तय की गई है. कुल मिलाकर लगभग 170–180 सामानों की कर दर में कमी की गई है, जिससे खाद्य, घरेलू और निर्माण सामग्री सस्ती होंगी.

स्वास्थ्य, बीमा और शिक्षा क्षेत्र की छूट

स्वास्थ्य संबंधी और बचावात्मक सेवाओं पर विशेष छूट दी गई है। स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा (कर पूरी तरह समाप्त). इससे मेडिकेयर पॉलिसियों की किफ़ायत बढ़ेगी। उदाहरण: जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा (फ्लोटर, सीनियर सिटीजन योजनाएँ आदि) पर जीएसटी शून्य कर दी गई है. 33 प्रकार की जीवनरक्षक दवाओं (जिनमें कैंसर और गंभीर रोगों की दवाएं शामिल हैं) पर भी जीएसटी पूरी तरह से हटा दिया गया है. इसके अतिरिक्त थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, डायग्नोस्टिक किट्स जैसे उपकरणों पर कर घटाकर 5% कर दिया गया है. शिक्षा क्षेत्र में भी राहत है: पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, पेंसिल, इरेज़र, ज्योमेट्री बॉक्स आदि पर कर दर या शून्य या 5% कर दी गई है.

वाहनों व उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स पर कटौती

वाहनों और बड़े इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर कर दर में उल्लेखनीय कटौती हुई है। अब छोटी कारें (पेट्रोल में 1200cc तक, डीजल में 1500cc तक) और दो-पहिया वाहन (350cc तक) पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% हो गया है. इसी तरह एसी (एयर कंडीशनर), टीवी (एलईडी/एलसीडी), वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर आदि पर भी कर 28% से 18% किया गया है. शादियों-त्योहारों के मौकों पर इन वस्तुओं की खरीदी बढ़ेगी और घरेलू ग्राहक किफायत महसूस करेंगे. बिस्तर, फर्नीचर, और अन्य बीड़ी वस्तुओं पर भी दरें निम्नतर स्तर पर लाने की तैयारी है.

लग्जरी व हानिकारक वस्तुओं पर उच्च कर

सरकार ने तंबाकू और पान मसाला जैसे हानिकारक वस्तुओं, कार्बोनेटेड/मिठाई पेय पदार्थों, महंगी मोटरसाइकिलों, लग्जरी कारों, यॉट, बन्दूक आदि पर उच्चतम 40% की दर तय की है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य और समाज के लिए हानिकारक वस्तुओं की खपत को नियंत्रित करना है। जैसे कि सिगरेट व तंबाकू उत्पाद, पान मसाला, सोडा/कोल्ड ड्रिंक्स पर 40% जीएसटी लागू रहेगा. इसके विपरीत, आम उपभोक्ता वस्तुएँ सस्ती हो रही हैं जबकि लग्जरी और डेमेरिट गुड्स महंगी होती जा रही हैं.

राजस्व प्रभाव और सरकार की घोषणा

GST New Slabs 2025,विश्लेषकों के अनुसार इस कर-सरलीकरण से केन्द्र और राज्यों का कुल वार्षिक राजस्व लगभग ₹85,000 करोड़ कम हो सकता है. (एसबीआई रिसर्च ने भी इसी स्तर का अनुमान लगाया है.) सरकार का दावा है कि शुरुआती यह राजस्व हानि दीर्घावधि में बढ़ी हुई खपत और बेहतर कर संग्रह से पूरी हो जाएगी. आर्थिक सिद्धांत भी यह कहते हैं कि टैक्स दरों में कटौती से उपभोग बढ़ता है और अंततः कर-आय भी लौटकर बढ़ती है. गृहणियों की बचत बढ़ने के साथ क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे दीर्घकालीन राजस्व में स्थिरता आने की उम्मीद है.

प्रधानमंत्री की टिप्पणी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक सुधार को “अगली पीढ़ी की जीएसटी” बताया है और कहा है कि इससे आम आदमी, किसान, महिलाएं और छोटे व्यापारी सब लाभान्वित होंगे. उन्‍होंने स्वतंत्रता दिवस की ओर आखिरी संबोधन में इसे दिवाली का तोहफा बताया था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी जोर देकर कहा कि इस सरल व्यवस्था से compliance आसान होगी और देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.

लोगों की जेब और बाजार पर असर

GST New Slabs 2025 इस बदलाव से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। रोजमर्रा की ज़रूरी चीज़ें सस्ती होने से परिवारों का मासिक बजट हल्का होगा। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीज़न में गाड़ियाँ, इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर जैसी बड़ी खरीदारी पर भी ग्राहकों को फायदा होगा। दूसरी ओर तंबाकू और लग्जरी प्रोडक्ट्स महंगे हो जाने से उनकी खपत घटने की उम्मीद है। इससे खुदरा बाजार में मांग का नया संतुलन देखने को मिलेगा।

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