BJP में बड़ा Organizational Shake-Up: नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिल्ली में बुलाई अहम बैठक
भाजपा जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुधवार, 21 जनवरी 2026 को अचानक सभी राज्य प्रदेश अध्यक्षों, राष्ट्रीय सचिवों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को दिल्ली के पार्टी मुख्यालय में एक अहम बैठक के लिए बुलाया है। यह बैठक पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को अंतिम रूप देने के लिए बुलाई गई है।
बैठक का मकसद
BJP पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक नितिन नबीन की अध्यक्षता में उनकी पहली बड़ी रणनीतिक बैठक होगी जिसमें संगठन की मजबूती, भविष्य की रणनीति, राज्यों में पार्टी कार्यों का मूल्यांकन और आगामी चुनावी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा बीएल संतोष जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
नए अध्यक्ष नितिन नबीन: कौन हैं वे?
45 वर्ष के नितिन नबीन को भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया है, और वे पार्टी के इतिहास में अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्हें भाजपा संसदीय बोर्ड और वरिष्ठ नेतृत्व का व्यापक समर्थन मिला है।
उन्होंने पहले राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक अनुभव हासिल किया और पार्टी को विभिन्न चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आगे बढ़ाया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उनका संगठनात्मक कौशल और नेतृत्व क्षमता प्रशंसा का विषय रही है।
प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया
नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी और स्पष्ट किया कि पार्टी के मामलों में उन्हें पूर्ण समर्थन मिलेगा। मोदी ने हाल में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि वे खुद भी पार्टी के कार्यकर्ता की तरह काम करेंगे और नेतृत्व में नितिन नबीन का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।
बधाइयों की कतार में अन्य वरिष्ठ नेताओं, जैसे केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, कई मुख्यमंत्री और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी नितिन नबीन को शुभकामनाएँ दी हैं।
क्या संकेत मिलते हैं इस बैठक से?
विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व में एक नई रणनीतिक दिशा की शुरुआत हो सकती है। नितिन नबीन की युवा ऊर्जा और संगठनात्मक दृष्टिकोण के साथ पार्टी, आगामी राज्यों और लोकसभा चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार कर सकती है। इसमें प्रदेशों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और पार्टी इकाइयों के बीच तालमेल बढ़ाना मुख्य मुद्दा हो सकता है।
पार्टी के भीतर हलचल तेज, सबकी नजर आज के फैसलों पर
दिल्ली में बुलाई गई इस अचानक बैठक ने पार्टी के अंदर हलचल बढ़ा दी है। कई राज्यों से प्रदेश अध्यक्षों और राष्ट्रीय सचिवों को बिना किसी औपचारिक एजेंडा के बुलाया जाना, यह संकेत देता है कि संगठन स्तर पर कुछ बड़े और त्वरित फैसले लिए जा सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो बैठक में कुछ राज्यों में संगठनात्मक कमजोरी, कार्यकर्ताओं की नाराजगी, और हालिया चुनावी फीडबैक पर भी खुलकर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही कुछ प्रदेशों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति या फेरबदल को लेकर भी मंथन संभव है।
चुनावी राज्यों पर रहेगा खास फॉक्स
आने वाले महीनों में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, वहां की रणनीति इस बैठक का अहम हिस्सा मानी जा रही है। केंद्रीय नेतृत्व जमीनी रिपोर्ट के आधार पर संगठन को ज्यादा सक्रिय और मजबूत बनाने की योजना पर काम कर सकता है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष नितिन नबीन राज्यों में युवा नेतृत्व और संगठनात्मक अनुशासन को प्राथमिकता देने के मूड में हैं।
संगठन को नई दिशा देने की तैयारी
नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के बाद यह पहली बड़ी बैठक है, ऐसे में यह साफ माना जा रहा है कि पार्टी संगठन को नई दिशा देने का रोडमैप यहीं से तय होगा। आने वाले दिनों में भाजपा संगठन में तेज फैसले और स्पष्ट संदेश देखने को मिल सकते हैं।