PM MODI IN MANIPUR: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर के दौरे पर हैं. मई 2023 में भड़की हिंसा के बाद वह पहली बार मणिपुर पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के मणिपुर न आने की वजह से विपक्ष सड़क से लेकर संसद तक मुद्दा बना चुका है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क के रास्ते चुराचांदपुर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या मे लोग उनके स्वागत में उतरे . पीएम मोदी ने मणिपुर को 8500 करोड़ रुपये की सौगात दी. प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर सीमा से सटा राज्य है. यहां पर कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती रही है. अच्छी सड़के न होने की वजह से मैं आपकी परेशानी को अच्छी तरह से समझता हूं. यहां के विकास पर 2014 के बाद मेरा विशेष जोर रहा है.
मणिपुर के नाम में मणि PM MODI IN MANIPUR
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मणिपुर कि धरती हौसलों और हिम्मत की धरती है. मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं. आप सभी भारी बारिश के बावजूद यहां आये. मै आपके इस प्यार के लिए आभार व्यक्त करता हूं. भारी बारिश के कारण मेरा हेलीकॉप्टर यहां तक नहीं आ पाया इसलिए मैने सड़क से आने का फैसला किया .
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं जीवन के इस क्षण को कभी नहीं भूल सकता. मणिपुर के नाम में मणि है, यह वह मणि है जो आने वाले समय में पूरे नार्थ ईस्ट की चमक बढ़ाने वाली है. सरकार का पूरा प्रयास रहा है कि राज्य को विकास के काम में लगातार आगे ले जाये.
विकास के लिए शांति की स्थापना बहुत जरूरी PM MODI IN MANIPUR
मणिपुर की धरती आशा और उम्मीद की भूमि है. परंतु दुर्भाग्य से हिंसा ने इस शानदार इलाके को अपनी चपेट मे ले लिया था. थोड़ी देर पहले मैं उन प्रभावित लोगों से मिला हूं, जो शिविरों में रह रहे हैं. उनसे बातचीत करने के बाद मैं ये कह सकता हूं कि उम्मीद और विश्वास की नई सुबह मणिपुर में दस्तक दे रही है. किसी भी स्थान पर विकास के लिए शांति की स्थापना बहुत जरूरी है.
पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में दशकों से चल रहे कई विवाद, अनेक संघर्ष समाप्त हुये हैं. लोगों ने शांति को चुना है और विकास को प्राथमिकता दी है. मैं संगठनों से अपील करूंगा कि शांति के रास्ते पर आगे बढ़कर अपने सपनों को पूरा करें. मैं आज आपसे वादा करता हूं कि मैं आपके साथ हूं, भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है.
मणिपुर की हिंसा
मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिसंक झड़पों की वजह से 60,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं. जिनमें लगभग 40,000 कुकी समुदाय के लोग, और 20,000 मैतेई समुदाय के लोग शामिल हैं. हजारों की संख्या में विस्थापित लोग राज्य छोडकर बाहर चले गये हैं. लेकिन विस्थापितों में ज्यादातर राहत शिविरों में खराब स्थितियों में रह रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिये राज्य के विस्थापित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का वादा किया है. मणिपुर की हिंसा में अब तक 260 लोगों की मौत हो चुकी है, और हजारों लोग अब भी ऐसे हैं जिनके पास घर नहीं है.