Bihar Election बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग के पुनिरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर कार्यकर्ताओं से लेकर राजनेताओं और मतदाताओ तक में कौतूहल मची हुई है। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में चुनाव आयोग के पुनिरीक्षण को सियासी गर्मी बढ गई है। चुनाव आयोग और सरकार के ऊपर राष्ट्रीय जनता दल समेत कई विपक्षी पार्टियां हमलावर है। ऐसे में राजद के कई नेताओं ने दावा किया है कि तेजस्वी यादव सीएम बनने वाले है।
RJD नेता ने कही बड़ी बात

राजद नेता म्रत्युंजय तिवारी ने कहा बिहार चुनाव से पहले 3-4 सर्वे आ चुके है। इन सभी में तेजस्वी यादव की सरकार बनती नजर आ रही है। ऐसे में केन्द्र सरकार और NDA की नींद उड़ गई है। अब NDA चुनाव आयोग के माध्यम से कोई न कोई गड़बड़ी कराना चाहता है। तेजस्वी यादव ने सभी चीजों को तथ्यों के साथ कहा है। ऐसे में चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिये।
तेजस्वी होंगे सीएम का चेहरा
INDIA अलायंस ने अपने मुख्यमंत्री के उम्मीदवार को घोषित कर दिया है। बिहार कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने तेजस्वी यादव के नाम की मोहर लगा दी है। कांग्रेस के नेता कन्हैया कुमार ने भी तेजस्वी यादव की बात कही। उन्होने कहा कि सख्याबल ज्यादा होने के कारण मुख्यमंत्री राजद से ही होग। ऐसे में कन्हैया के इस बयान से साफ होता है कि महागठबंधन अपने मुख्यमंत्री के चेहरे को तेजस्वी यादव को बनाकर चुनावी मैदान में आने वाली है।
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चुनाव आयोग पर करारा हमला
इधर RJD, AIMIM और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग के पुनिरीक्षण के फैसले को लेकर एक सुर में सुर मिला रही हैं। असदुदीन ओवैसी ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि निर्वाचन आयोग बिहार में गुप्त तरीके से एनआरसी लागू कर रहा है। वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करवाने के लिए अब हर नागरिक को दस्तावेज के जरिये साबित करना होगा कि वह कहाँ और कब पैदा हुआ था। और साथ ही यह भी कि उनके माता-पिता कब और कहाँ पैदा हुए थे। उन्होने आगे लिखा कि विश्वसनीय अनुमानों के अनुसार केवल तीन चौथाई जन्म ही पंजीक्रत होते हैं। और ज्यादातर सरकारी कागजों में भारी गलतियां होती हैं।