रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ: दो साल में कैसे बदली अयोध्या की तस्वीर

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By Akanksha Singh Baghel

रामलला प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ: आज तक के बदलाव


रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ का पावन अवसर है। 22 जनवरी 2024 को भव्य समारोह में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, और इसके दो साल बाद अयोध्या न केवल एक धार्मिक तीर्थस्थल बल्कि विकास, समृद्धि और पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुकी है।


1. अयोध्या का नया स्वरूप: विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर
  • रामलला की प्रतिष्ठा के बाद शहर में बड़ी इनफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं तेजी से पूरी हो रही हैं:महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा operational हो चुका है, जिससे देश–विदेश से यात्रियों का आगमन सहज हुआ है।
  • रेलवे स्टेशन को आधुनिक रूप दिया गया है और ट्रैफिक सुविधाएँ बेहतर हुई हैं।
  • शहर में चौड़े राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ जैसी प्रमुख सड़कें बनी हैं।
  • अयोध्या अब ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ते हुए सोलर सिटी बन चुकी है।
  • लगभग ₹85,000 करोड़ की विकास परियोजनाएँ शहर को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में ढाल रही हैं।
2. पर्यटन में अभूतपूर्व उछाल

राम मंदिर की प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में धार्मिक पर्यटन में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है:

  • 2025 में 23 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या की यात्रा की।
  • प्रतिदिन 2-4 लाख लोग दर्शन के लिए आते हैं, जो वाराणसी, मथुरा और आगरा जैसी स्थलों से भी अधिक है।
  • होटल, गेस्ट हाउस, परिवहन, दर्शन सुविधाओं तथा स्थानीय व्यापार को इससे भारी लाभ मिला है।
  • अनुमान है कि 2028 तक अयोध्या की पर्यटन अर्थव्यवस्था ₹18,000 करोड़ तक पहुंच जाएगी और यह उत्तर प्रदेश की कुल पर्यटन आय में लगभग 25% योगदान देगा।
3. स्थानीय जीवन और रोजगार पर असर

रामलला की प्रतिष्ठा ने न सिर्फ तीर्थयात्रियों को आकर्षित किया है, बल्कि स्थानीय लोगों की रोज़गार संभावनाओं को भी बढ़ाया है:

  • होटल, रेस्तरां, टैक्सी सेवाएँ, गाइड और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में हजारों नई नौकरियाँ पैदा हुई हैं।
  • कई छोटे व्यापारी और परिवार नई आर्थिक संभावनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है।
  • हालांकि निर्माण कार्यों के कारण कुछ असुविधाएँ बनी हैं, फिर भी आम जीवन स्तर में कुल मिलाकर सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय आयोजन और उत्सव

रामलला की दूसरी वर्षगांठ पर देशभर से श्रद्धालु अयोध्या में एकत्रित हो रहे हैं और कार्यक्रम कई धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएँ दी हैं और इसे “हमारी आस्था और परंपराओं का दिव्य उत्सव” बताया है।

अयोध्या के लिए भविष्य की बड़ी योजनाएं

रामलला प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या का विकास अभी थमा नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में इसे और तेज़ी मिलने वाली है। सरकार और प्रशासन की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं अगले चरण में लागू की जा रही हैं।

  • राम मंदिर कॉरिडोर विस्तार के तहत श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
  • सरयू नदी के किनारे रिवरफ्रंट डेवलपमेंट को और भव्य रूप दिया जाएगा, जिससे अयोध्या आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बने।
  • अयोध्या में इंटरनेशनल लेवल के होटल, धर्मशालाएं और कन्वेंशन सेंटर प्रस्तावित हैं।
  • स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत डिजिटल सुविधाएं, सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
  • सरकार का लक्ष्य है कि अयोध्या को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक राजधानी के रूप में स्थापित किया जाए।

धार्मिक आस्था, आधुनिक विकास और रोजगार के नए अवसरों के साथ अयोध्या अब एक ऐसे शहर के रूप में उभर रही है, जो परंपरा और प्रगति दोनों का संगम बन चुकी है।

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