Muslim Vote Bank,देश में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खासतौर पर Assam, West Bengal और Kerala में मुस्लिम वोटर को लेकर सभी पार्टियां सक्रिय हो गई हैं। इन तीनों राज्यों में मुस्लिम आबादी करीब 27 से 30 प्रतिशत के बीच बताई जाती है। कई सीटों पर मुस्लिम मतदाता जीत-हार तय करने की स्थिति में हैं। इसलिए इस बार चुनाव में Muslim Vote Bank सबसे बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है।
मुस्लिम वोटर पर केंद्रित राजनीति
देश में Asaduddin Owaisi की पार्टी AIMIM मुस्लिम आधार पर चुनाव लड़ती है। लेकिन Assam, Bengal और Kerala में भी ऐसी पार्टियां हैं जो मुस्लिम वोटरों को ध्यान में रखकर चुनाव लड़ती हैं। इन दलों की कोशिश है कि वे समुदाय के मुद्दों को उठाकर समर्थन हासिल करें।
West Bengal में क्या बदलेगा समीकरण?
West Bengal में करीब 30 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। अब तक इनका बड़ा हिस्सा Mamata Banerjee की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ रहा है। यही कारण है कि Mamata Banerjee लगातार सत्ता में बनी हुई हैं। लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। TMC छोड़कर नई पार्टी बनाने वाले Humayun Kabir चुनावी मैदान में हैं। वहीं Abbas Siddiqui की Indian Secular Front (ISF) भी मुस्लिम वोटरों को अपनी ओर लाने की कोशिश कर रही है। अगर मुस्लिम वोट बंटते हैं तो Bengal की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
Assam में AIUDF की मजबूत पकड़ और Congress और BJP की नजर
Assam में मौलाना Badruddin Ajmal की पार्टी All India United Democratic Front (AIUDF) मुस्लिम वोटरों के बीच खास पहचान रखती है। 2005 में बनी इस पार्टी ने कई चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया है। 2010 से 2021 तक पार्टी ने लगातार दो अंकों में सीटें जीतीं।
2024 के लोकसभा चुनाव में Ajmal को हार मिली थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। परिसीमन के बाद कई सीटों का समीकरण बदल गया है। कहा जा रहा है कि करीब 22 सीटों पर मुस्लिम वोटर निर्णायक हो सकते हैं। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही इस वोट बैंक पर नजर बनाए हुए हैं।
Kerala में लंबे समय से IUML की मजबूत पकड़
Kerala में Indian Union Muslim League (IUML) की मुस्लिम समुदाय में अच्छी पकड़ है। यह पार्टी Congress नेतृत्व वाले UDF गठबंधन का हिस्सा है और कई सालों से चुनाव जीतती आ रही है।
Kerala विधानसभा की 140 सीटों में से 32 मुस्लिम विधायक हैं, जिनमें 15 IUML के हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य की करीब 43 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम वोटर चुनाव परिणाम बदल सकते हैं। आम तौर पर यहां मुस्लिम वोट कांग्रेस गठबंधन को जाता है।
क्या 2026 में बदलेगा राजनीतिक खेल?
Assam West Bengal और Kerala — तीनों राज्यों में मुस्लिम वोट बैंक बहुत अहम है। सवाल यह है कि क्या पारंपरिक समर्थन पहले जैसा रहेगा या नए नेता और नई पार्टियां समीकरण बदल देंगी। अगर वोट बंटे तो नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं। फिलहाल इतना साफ है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोटर की भूमिका सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली है।Muslim Vote Bank